एच पाइलोरी का सबसे अच्छा इलाज क्या है?HealthPlanet

Posted on Mon 19th Dec 2022 : 12:22

अखरोट एक फायदे अनेक: एच पाइलोरी को कम करने में कारगर है अखरोट

जब बात ड्राई फ्रूट्स की आती है तो अखरोट को विटमिन्स का राजा कहा जाता है. अखरोट खाने में जितना टेस्टी होता है उतना ही सेहत के लिए फायदेमंद भी है. वहीं एक अध्ययन में पाया गया है कि अखरोट एच। पाइलोरी बीमारी को रोकने में भी सहायक है.

हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में ड्राई फ्रूट्स विशेष योगदान देते हैं. हर दिन इनको अपनी डाइट में शामिल करने से हम कई बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं. वैसे तो ड्राई फ्रूट्स में काजू, बादाम, पिस्ता, छुआरा आते हैं लेकिन हेल्दी फैट, फाइबर, विटमिन्स और मिनरल्स से भरपूर अखरोट यानी वॉलनट एक ऐसा ड्राई फ्रूट्स है जो सिर्फ ब्रेन हेल्थ और मेमरी के लिए ही फायदेमंद नहीं है बल्कि आपकी ओवरऑल सेहत के लिए भी बेस्ट माना जाता है. अखरोट में प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फॉरस, कॉपर, सेलेनियम, ओमेगा-3 फैटी ऐसिड जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. अपने ढेरों फायदों की वजह से अखरोट को तो ड्राई फ्रूट्स का राजा भी कहा जाता है.

वैसे एक नया अध्ययन सामने आया है जिसमें जर्नल ऑफ क्लिनिकल बायोकैमिस्ट्री एंड न्यूट्रिशन में चूहों के मॉडल का इस्तेमाल करते हुये पाया गया है कि नियमित रूप से अखरोट का सेवन हेलिकोबैक्टर पाइलोरी यानी एच। पाइलोरी बीमारी को कम करने में सहायक हो सकता है. ये एक ऐसा जीवाणु संक्रमण है जो दुनिया की ज्यादा से ज्यादा आबादी पर असर डालता है.

अध्ययन में ऐसी भी माना गया है कि एच। पाइलोरी की व्यापकता विकासशील देशों में सबसे आम है क्योंकि ये आमतौर पर सामाजिक आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों से संबंधित है और माना जाता है कि ये व्यक्ति से व्यक्ति के संपर्क में या यहां तक ​​कि खाने और पानी के माध्यम से फैलता है. एच। पाइलोरी संक्रमण पेट और छोटी आंत के साथ पेट के कैंसर और पेप्टिक अल्सर रोग में अल्सर का एक प्रमुख कारण है.

वहीं अगर बात चूहों के मॉडल की करें तो इसका इस्तेमाल करते हुए, कोरिया में CHA कैंसर रोकथाम अनुसंधान केंद्र के शोधकर्ताओं ने प्रारंभिक साक्ष्य पाया कि अखरोट से समृद्ध आहार खाने से एच। पाइलोरी संक्रमण से जुड़े नकारात्मक परिणामों से बचाने में मदद मिल सकती है. विशेष रूप से, अनुसंधान में पाया गया कि अखरोट के अर्क, पूरे अखरोट से बनते हैं, आंत में सुरक्षात्मक प्रोटीन और विरोधी भड़काऊ क्रियाएं बनाने में मदद कर सकते हैं. जो एच। पाइलोरी संक्रमण से सुरक्षा कर सकते हैं और जिसके परिणामस्वरूप चूहों में कैंसर हो सकता है. इसी वजह से एंटीबायोटिक प्रतिरोध से जुड़ी बढ़ती चुनौतियों के चलते, शोधकर्ता इस नए अध्ययन में एच। पाइलोरी संक्रमण के प्रभाव को सुधारने के लिए आहार और अन्य गैर-बैक्टीरियल दृष्टिकोणों की जांच कर रहे हैं.

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info